सीएसआईआर टचिंग लाइव्स

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विविध क्षेत्रों में अपने अग्रणी अनुसंधान एवं विकास ज्ञानाधार के लिए ज्ञात एक वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) समसामयिक अनुसंधान एवं विकास संगठन है। संपूर्ण भारत में मौजूदगी के चलते सीएसआईआर का 38 राष्‍ट्रीय प्रयोगशालाओं, 39 दूरस्‍थ केन्‍द्रों, 3 नवोन्‍मेषी कॉम्‍प्‍लेक्‍सों और 5 यूनिटों का सक्रिय नेटवर्क है। सीएसआईआर की अनुसंधान एवं विकास सुविज्ञता तथा अनुभव इसके लगभग 4600 सक्रिय वैज्ञानिकों में सन्निहित / समाविष्‍ट हैं जिन्‍हें लगभग 8000 वैज्ञानिक एवं तकनीकी कार्मिकों की सहायता प्राप्‍त है।

श्री नरेंद्र मोदी

माननीय प्रधानमंत्री, भारत
अध्यक्ष, सीएसआईआर

डॉ. हर्ष वर्धन

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री
उपाध्यक्ष, सीएसआईआर

श्री वाई. एस. चौधरी

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री

डॉ गिरीश साहनी

महानिदेशक, सीएसआईआर
एवं सचिव, डीएसआईआर

सीएसआईआर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के एक व्यापक स्पेक्ट्रम को समाविष्ट करता है

.सीएसआईआर रेडियो और अंतरिक्ष भौतिकी, महासागर विज्ञान, भूभौतिकी, रसायन, औषध, जीनोमिकी, जैवप्रौद्योगिकी और नैनोप्रौद्योगिकी से खनन, वैमानिकी, उपकरणन, पर्यावरणीय इंजीनियरी तथा सूचना प्रौद्योगिकी तक के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के व्यापक विषयों व क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। यह सामाजिक प्रयासों से जुड़े अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकीय अंतराक्षेपण उपलब्ध कराता है जिसमें पर्यावरण, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्य, आवास, ऊर्जा, कृषि एवं गैर-कृषि क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानव संसाधन विकास में सीएसआईआर की भूमिका उल्लेखनीय है।

सीएसआईआर ने नवीन विज्ञान और उन्नत ज्ञान के क्षेत्रों में अग्रणी कार्य किया है। सीएसआईआर का वैज्ञानिक स्टाफ भारत की वैज्ञानिक जनशक्ति का लगभग 3-4 प्रतिशत है किंतु भारत के वैज्ञानिक निर्गत में उनका योगदान लगभग 10 प्रतिशत है । वर्ष 2012 में, सीएसआईआर ने प्रति शोधपत्र 2.673 के औसत प्रभाव घटक सहित साइंस जर्नलों में 5007 शोधपत्र प्रकाशित किए। वर्ष 2013 में, सीएसआईआर ने प्रति शोधपत्र 2.868 के औसत प्रभाव घटक सहित साइंस जर्नलों में 5086 शोधपत्र प्रकाशित किए।

नए भारत के लिए नया सीएसआईआर

सीएसआईआर ने सीएसआईआर @ 80 : दूरदृष्टि एवं रणनीति 2022-नए भारत के लिए नया सीएसआईआर तैयार किया है। सीएसआईआर का मिशन है “नए भारत के लिए नए सीएसआईआर का निर्माण करना” और सीएसआईआर का विजन है “ऐसा विज्ञान करना जो वैश्विक प्रभाव के लिए प्रयास करे, ऐसी प्रौद्योगिकी तैयार करना जो नवोन्मेष आधारित उद्योग को सक्षम बनाए और पराविषयी नेतृत्व को पोषित करे जिसके द्वारा भारत की जनता के लिए समावेशी आर्थिक विकास को उत्प्रेरित किया जा सके”।

भारत के बौद्धिक संपदा आंदोलन का पथ प्रदर्शक सीएसआईआर वर्तमान में प्रौद्योगिकी के चयनित क्षेत्रों में देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व दिलवाने के लिए अपने पेटेंट पोर्टफोलियो को सुदृढ़ कर रहा है। सीएसआईआर को किसी भी भारतीय सार्वजनिक वित्तपोषित अनुसंधान एवं विकास संगठन को स्वीकृत अमरीकी पेटेंटों के 90 प्रतिशत पेटेंट स्वीकृत किए गए हैं। सीएसआईआर प्रतिवर्ष औसतन लगभग 200 भारतीय पेटेंट और 250 विदेशी पेटेंट फाइल करता है। सीएसआईआर के लगभग 13.86% पेटेंटों को लाइसेंस प्राप्त है - यह संख्या वैश्विक औसत से अधिक है। विश्व में सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित अपने पीयर अनुसंधान संगठनों में सीएसआईआर विश्वभर में पेटेंट फाइल और अर्जित करने में सबसे आगे है।

सीएसआईआर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सरकारी संस्थानों में बारहवे पद पर शुमार है

सीएसआईआर एकमात्र भारतीय संगठन है जो की १०० वैश्विक संस्थानों में शुमार है

सीएसआईआर प्रयोगशालाएं

राष्ट्र की सेवा में

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